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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
32 verses
1दाऊद तो बूढ़ा वरन बहुत बूढा हो गया था, इसलिये उसने अपने पुत्र सुलैमान को इस्त्राएल पर राजा नियुक्त कर दिया।
2तब उसने इस्राएल के सब हाकिमों और याजकों और लेवियों को इकट्ठा किया।
3और जितने लेवीय तीस वर्ष के और उस से अधिक अवस्था के थे, वे गिने एए, और एक एक पुरुष के गिनने से उनकी गिनती अड़तीस हजार हुई।
4इन में से चौबीस हजार तो यहोवा के भवन का काम चलाने के लिये नियुक्त हुए, और छ: हजार सरदार और न्यायी।
5और चार हजार द्वारपाल नियुक्त हुए, और चार हजार उन बाजों से यहोवा की स्तुति करने के लिये ठहराए गए जो दाऊद ने स्तुति करने के लिये बनाए थे।
6फिर दाऊद ने उन को गेर्शोन, कहात और मरारी नाम लेवी के पुत्रों के अनुसार दलों में अलग अलग कर दिया।
7गेर्शोनियों में से तो लादान और शिमी थे।
8और लादान के पुत्र: सरदार यहीएल, फिर जेताम और योएल ये तीन थे।
9और शिमी के पुत्र: शलेमीत, हजीएल और हारान से तीन थे। लादान के कुल के पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष ये ही थे।
10फिर शिमी के पुत्र: यहत, जीना, यूश, और वरीआ के पुत्र शिमी यही चार थे।
11यहत मुख्य था, और जीजा दूसरा; यूश और बरीआ के बहुत बेटे न हुए, इस कारण वे सब मिलकर पितरों का एक ही घराना ठहरे।
12कहात के पुत्र: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल चार। अम्राम के पुत्र: हारून और मूसा।
13हारून तो इसलिये अलग किया गया, कि वह और उसके सन्तान सदा परमपवित्र वस्तुओं को पवित्र ठहराएं, और सदा यहोवा के सम्मुख धूप जलाया करें और उसकी सेवा टहल करें, और उसके नाम से आशीर्वाद दिया करें।
14परन्तु परमेश्वर के भक्त मूसा के पुत्रों के नाम लेवी के गोत्र के बीच गिने गए।
15मूसा के पुत्र, गेर्शोम और एलीएजेर।
16और गेर्शोम का पुत्र शबूएल मुख्य था।
17और एलीएजेर के पुत्र: रहब्याह मुख्य; और एलीएजेर के और कोई पुत्र न हुआ, परन्तु रहब्याह के बहुत से बेटे हुए।
18यिसहार के पुत्रें में से शलोमीत मुख्य ठहरा।
19हेब्रोन के पुत्र: यरीय्याह मुख्य, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल, और चौथा यकमाम था।
20उज्जीएल के पुत्रें में से मुख्य तो मीका और दूसरा यिश्शिय्याह था।
21मरारी के पुत्र: महली और मूशी। महली के पुत्र: एलीआजर और कीश थे।
22एलीआजर पुत्रहीन मर गया, उसके केवल बेटियां हुई; सो कीश के पुत्रों ने जो उनके भाई थे उन्हें ब्याह लिया।
23मूशी के पुत्र: महली; एदोर और यरेमोत यह तीन थे।
24लेवीय पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष ये ही थे, ये नाम ले ले कर, एक एक पुरुष कर के गिने गए, और बीस वर्ष की वा उस से अधिक अवस्था के थे और यहोवा के भवन में सेवा टहल करते थे।
25क्योंकि दाऊद ने कहा, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने अपनी प्रजा को विश्राम दिया है, और वह तो यरूशलेम में सदा के लिये बस गया है।
26और लेवियों को निवास और उस की उपासना का सामान फिर उठाना न पड़ेगा।
27क्योंकि दाऊद की पिछली आज्ञाओं के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के लेवीय गिने गए।
28क्योंकि उनका काम तो हारून की सन्तान की सेवा टहल करना था, अर्थात यह कि वे आंगनों और कोठरियों में, और सब पवित्र वस्तुओं के शुद्ध करने में और परमेश्वर के भवन की उपासना के सब कामों में सेवा टहल करें।
29और भेंट की रोटी का, अन्नबलियों के मैदे का, और अखमीरी पपडिय़ों का, और तवे पर बनाए हुए और सने हुए का, और मापने और तौलने के सब प्रकार का काम करें।
30और प्रति भोर और प्रति सांझ को यहोवा का धन्यवाद और उसकी स्तुति करने के लिये खड़े रहा करें।
31और विश्राम दिनोंऔर नये चान्द के दिनों, और नियत पर्व्वों में गिनती के नियम के अनुसार नित्य यहोवा के सब होमबलियों को चढ़ाएं।
32और यहोवा के भवन की उपासना के विषय मिलापवाले नम्बू और पवित्रस्थान की रक्षा करें, और अपने भाई हारूनियोंके सौंपे हुए काम को चौकसी से करें।