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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
26 verses
1इस्राएल का जेठा तो रूबेन था, परन्तु उसने जो अपने पिता के बिछौने को अशुद्ध किया, इस कारण जेठे का अधिकार इस्राएल के पुत्र यूसुफ के पुत्रों को दिया गया। वंशावली जेठे के अधिकार के अनुसार नहीं ठहरी।
2क्योकि यहूदा अपने भाइयों पर प्रबल हो गया, और प्रधान उसके वंश से हुआ परन्तु जेठे का अधिकार यूसुफ का था।
3इस्राएल के जेठे पुत्र रूबेन के पुत्र ये हुए, अर्थात हनोक, पल्लू, हेस्रोन और कमीं।
4और योएल के पुत्र शमायाह, शमायाह का गोग, गोग का शिमी।
5शिमी का मीका, मीका का रायाह, रायाह का बाल।
6और बाल का पुत्र बेरा, इस को अश्शूर का राजा तिलगतपिलनेसेर बन्धुआई में ले गया; और वह रूबेनियो का प्रधान था।
7और उसके भाइयों की वंशवली के लिखते समय वे अपने अपने कुल के अनुसार ये ठहरे, अर्थात मुख्य तो यीएल, फिर जकर्याह।
8और अजाज का पुत्र बेला जो शेमा का पोता और योएल का परपोता था, वह अरोएर में और नबो और बाल्मोन तक रहता था।
9और पूर्व ओर वह उस जंगल के सिवाने तक रहा जो परात महानद तक महुंचाता है, क्योंकि उनके पशु गिलाद देश में बढ़ गए थे।
10और शऊल के दिनों में उन्होंने हग्रियों से युद्ध किया, और हग्री उनके हाथ से मारे गए; तब वे गिलाद की सारी पूरबी अलंग में अपने डेरों में रहने लगे।
11गादी उनके साम्हने सल्का तक बाशान देश में रहते थे।
12अर्थात मुख्य तो योएल और दूसरा शापाम फिर यानै और शापात, ये बाशान में रहते थे।
13और उनके भाई अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार मीकाएल, मशुल्लाम, शेबा, योरै, याकान, जी और एबेर, सात थे।
14ये अबीहैल के पुत्र थे, जो हूरी का पुत्र था, यह योराह का पुत्र, यह गिलाद का पुत्र, यह मिकाएल का पुत्र, यह यशीशै का पुत्र, यह यहदो का पुत्र, यह बूज का पुत्र था।
15इनके पितरों के घरानों का मुख्य पूरुष अब्दीएल का पुत्र, और गूनी का पोता अही था।
16ये लोग बाशान में, गिलाद और उसके गांवों में, और शारोन की सब चराइयों में उसकी परली ओर तक रहते थे।
17इन सभों की वंशावली यहूदा के राजा योनातन के दिनों और इस्राएल के राजा यारोबाम के दिनों में लिखी गई।
18रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के योद्धा जो ढाल बान्धने, तलवार चलाने, और धनुष के तीर छोड़ने के योग्य और युद्ध करना सीखे हुए थे, वे चौवालीस हजार सात सौ साठ थे, जो युद्ध में जाने के योग्य थे।
19इन्होंने हग्रियों और यतूर नापीश और नोदाब से युद्ध किया था।
20उनके विरुद्ध इन को सहायता मिली, और अग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युद्ध में इन्होंने परमेश्वर की दोहाई दी थी और उसने उनकी बिनती इस कारण सुनी, कि इन्होंने उस पर भरोसा रखा था।
21और इन्होंने उनके पशु हर लिए, अर्थात ऊंट तो पचास हजार, भेड़-बकरी अढ़ाई लाख, गदहे दो हजार, और मनुष्य एक लाख बन्धुए कर के ले गए।
22और बहुत से मरे पड़े थे क्योंकि वह लड़ाई परमेश्वर की ओर से हुई। और ये उनके स्थान में बन्धुआई के समय तक बसे रहे।
23फिर मनश्शे के आधे गोत्र की सन्तान उस देश में बसे, और वे बाशान से ले बाल्हेर्मोन, और सनीर और हेर्मोन पर्वत तक फैल गए।
24और उनके पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष ये थे, अर्थात एपेर, यिशी, एलीएल, अज्रीएल, यिर्मयाह, होदय्याह और यहदीएल, ये बड़े वीर और नामी और अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष थे।
25और उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर से विश्वासघात किया, और उस देश के लोग जिन को परमेश्वर ने उनके साम्हने से विनाश किया था, उनके देवताओं के पीछे व्यभिचारिन की नाईं हो लिए।
26इसलिये इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पूल और अश्शूर के राजा तिलगत्पिलनेसेर का मन उभारा, और इन्होंने उन्हें अर्थात रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के लोगों को बन्धुआ कर के हलह, हाबोर और हारा और गोजान नदी के पास पहुंचा दिया; और वे आज के दिन तक वहीं रहते हैं।