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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
11 verses
1और यहूदा का राजा यहोशापात यरूशलेम को अपने भवन में कुशल से लौट गया।
2तब हनानी नाम दशीं का पुत्र येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध भड़का है।
3तौभी तुझ में कुछ अच्छी बातें पाई जाती हैं। तू ने तो देश में से अशेरों को नाश किया और उपने मन को परमेश्वर की खोज में लगाया है।
4यहोशापात यरूशलेम में रहता था, और उसने बेर्शेबा से ले कर एप्रैम के पहाड़ी देश तक अपनी प्रजा में फिर दौरा कर के, उन को उनके पितरों के परमेश्वर यहोवा की ओर फेर दिया।
5फिर उसने यहूदा के एक एक गढ़ वाले नगर में न्यायी ठहराया।
6और उसने न्यायियों से कहा, सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे; और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा।
7अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।
8और यरूशलेम में भी यहोशापात ने लेवियों और याजकों और इस्राएल के पितरों के घरानों के कुछ मुख्य पुरुषों को यहोवा की ओर से न्याय करने और मुकद्दमों को जांचने के लिये ठहराया।
9और वे यरूशलेम को लौटे। और उसने उन को आज्ञा दी, कि यहोवा का भय मान कर, सच्चाई और निष्कपट मन से ऐसा करना।
10तुम्हारे भाई जो अपने अपने नगर में रहते हैं, उन में से जिसका कोई मुकद्दमा तुम्हारे साम्हने आए, चाहे वह खून का हो, चाहे व्यवस्था, अथवा किसी आज्ञा या विधि वा नियम के विषय हो, उन को चिता देना, कि यहोवा के विषय दोषी न होओ। बेसा न हो कि तुम पर और तुम्हारे भाइयों पर उसका क्रोध भड़के। ऐसा करो तो तुम दोषी न ठहरोगे।
11और देखो, यहोवा के विष्य के सब मुकद्दमों में तो अमर्याह महायाजक और राजा के विषय के सब मुकद्दमों में यहूदा के घराने का प्रधान इश्माएल का पुत्र जबद्याह तुम्हारे ऊपर अधिकारी है; और लेवीय तुम्हारे साम्हने सरदारों का काम करेंगे। इसलिये हियाव बान्ध कर काम करो और भले मनुष्य के साथ यहोवा रहेगा।