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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
18 verses
1सुलैमान को यहोवा के भवन और अपने भवन के बनाने में बीस वर्ष लगे।
2तब जो नगर हूराम ने सुलैमान को दिए थे, उन्हें सुलैमान ने दृढ़ कर के उन में इस्राएलियों को बसाया।
3तब सुलैमान सोबा के हमात को जा कर, उस पर जयवन्त हुआ।
4और उसने तदमोर को जो जंगल में है, और हमात के सब भणडार नगरों को दृढ़ किया।
5फिर उसने ऊपर वाले और नीचे वाले दोनों बेथोरोन को शहरपनाह और फाटकों और बेड़ों से दृढ़ किया।
6और उसने बालात को और सुलैमान के जितने भणडार नगर थे और उसके रथों और सवारों के जितने नगर थे उन को, और जो कुछ सुलैमान ने यरूशलेम, लबानोन और अपने राज्य के सब देश में बनाना चाहा, उन सब को बनाया।
7हित्तियों, एमोरियों, परिज्जियों, हिव्वियों और यबूसियों के बचे हुए लोग जो इस्राएल के न थे,
8उनके वंश जो उनके बाद देश में रह गए, और जिनका इस्राएलियों ने अन्त न किया था, उन में से तो कितनों को सुलैमान ने बेगार में रखा और आज तक उनकी वही दशा है।
9परन्तु इस्राएलियों में से सुलैमान ने अपने काम के लिये किसी को दास न बनाया, वे तो योद्धा और उसके हाकिम, उसके सरदार और उसके रथों और सवारों के प्रधान हुए।
10और सुलैमान के सरदारों के प्रधान जो प्रजा के लोगों पर प्रभुता करने वाले थे, वे अढ़ाई सौ थे।
11फिर सुलैमान फ़िरौन की बेटी को दाऊदपुर में से उस भवन में ले आया जो उसने उसके लिये बनाया था, क्योंकि उसने कहा, कि जिस जिस स्थान में यहोवा का सन्दूक आया है, वह पवित्र है, इसलिये मेरी रानी इस्राएल के राजा दाऊद के भवन में न रहने पाएगी।
12तब सुलैमान ने यहोवा की उस वेदी पर जो उसने ओसारे के आगे बनाईं थी, यहोवा को होमबलि चढ़ाई।
13वह मूसा की आज्ञा के और दिन दिन के प्रयोजन के अनुसार, अर्थात विश्राम और नये चांद और प्रति वर्ष तीन बार ठहराए हुए पर्वों अर्थात अखमीरी रोटी के पर्व, और अठवारों के पर्व, और झोंपडिय़ों के पर्व में बलि चढ़ाया करता था।
14और उसने अपने पिता दाऊद के नियम के अनुसार याजकों की सेवकाई के लिये उनके दल ठहराए, और लेवियों को उनके कामों पर ठहराया, कि हर एक दिन के प्रयोजन के अनुसार वे यहोवा की स्तुति और याजकों के साम्हने सेवा-टहल किया करें, और एक एक फाटक के पास द्वारपालो��� को दल दल कर के ठहरा दिया; क्योंकि परमेश्वर के भक्त दाऊद ने ऐसी आज्ञा दी थी।
15और राजा ने भण्डारों या किसी और बात में याजकों और लेवियों के लिये जो जो आज्ञा दी थी, उनको न टाला।
16और सुलैमान का सब काम जो उसने यहोवा के भवन की नेव डालने से ले कर उसके पूरा करने तक किया वह ठीक हुआ। निदान यहोवा का भवन पूरा हुआ।
17तब सुलैमान एस्योनगेबेर और एलोत को गया, जो एदोम के देश में समुद्र के तीर पर हैं।
18और हूराम ने उसके पास अपने जहाजियों के द्वारा जहाज और समुद्र के जान कार मल्लाह भेज दिए, और उन्होंने सुलैमान के जहाजियों के संग ओपीर को जा कर वहां से साढ़े चार सौ किक्कार सोना राजा सुलैमान को ला दिया।