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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
14 verses
1परमेश्वर यहोवा ने मुझ को यों दिखाया: कि, धूपकाल के फलों से भरी हुई एक टोकरी है।
2और उसने कहा, हे आमोस, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, धूपकाल के फलों से भरी एक टोकरी। तब यहोवा ने मुझ से कहा, मेरी प्रजा इस्राएल का अन्त आ गया है; मैं अब उसको और न छोडूंगा।
3परमेश्वर यहोवा की वणी है, कि उस दिन राजमन्दिर के गीत हाहाकार में बदल जाएंगे, और लोथों का बड़ा ढेर लगेगा; और सब स्थानों में वे चुपचाप फेंक दी जाएंगी॥
4यह सुनो, तुम जो दरिद्रों को निगलना और देश के नम्र लोगों को नाश करना चाहते हो,
5जो कहते हो नया चांद कब बीतेगा कि हम अन्न बेच सकें? और विश्रामदिन कब बीतेगा, कि हम अन्न के खत्ते खोल कर एपा को छोटा और शेकेल को भारी कर दें, और छल से दण्डी मारें,
6कि हम कंगालों को रूपया देकर, और दरिद्रों को एक जोड़ी जूतियां देकर मोल लें, और निकम्मा अन्न बेचें?
7यहोवा, जिस पर याकूब को घमण्ड करना उचित है, वही अपनी शपथ खाकर कहता है, मैं तुम्हारे किसी काम को किभी न भूलूंगा।
8क्या इस कारण भूमि न कांपेगी? और क्या उन पर के सब रहने वाले विलाप न करेंगे? यह देश सब का सब मिस्र की नील नदी के समान होगा, जो बढ़ती है, फिर लहरें मारती, और घट जाती है॥
9परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, उस समय मैं सूर्य का दोपहर के समय अस्त करूंगा, और इस देश को दिन दुपहरी अन्धियारा कर दूंगा।
10मैं तुम्हारे पर्वों के उत्सव दूर कर के विलाप कराऊंगा, और तुम्हारे सब गीतों को दूर कर के विलाप के गीत गवाऊंगा; मैं तुम सब की कटि में टाट बंधाऊंगा, और तुम सब के सिरों को मुंड़ाऊंगा; और ऐसा विलाप कराऊंगा जैसा एकलौते के लिये होता है, और उसका अन्त कठिन दु:ख के दिन का सा होगा॥
11परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, देखो, ऐसे दिन आते हैं, जब मैं इस देश में महंगी करूंगा; उस में ने तो अन्न की भूख और न पानी की प्यास होगी, परन्तु यहोवा के वचनों के सुनने ही की भूख प्यास होगी।
12और लोग यहोवा के वचन की खोज में समुद्र से समुद्र तब और उत्तर से पूरब तक मारे मारे फिरेंगे, परन्तु उसको न पाएंगे॥
13उस समय सुन्दर कुमारियां और जवान पुरूष दोनों प्यास के मारे मूर्छा खाएंगे।
14जो लोग सामरिया के पाप मूल देवता की शपथ खाते हैं, और जो कहते हैं कि दान के देवता के जीवन की शपथ, और बेर्शेबा के पन्थ की शपथ, वे सब गिर पड़ेंगे, और फिर न उठेंगे॥