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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
26 verses
1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
2हारून को समझाकर यह कह, कि जब जब तू दीपकों को बारे तब तब सातों दीपक का प्रकाश दीवट के साम्हने हो।
3निदान हारून ने वैसा ही किया, अर्थात जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उसी के अनुसार उसने दीपकों को बारा, कि वे दीवट के साम्हने उजियाला दे।
4और दीवट की बनावट यह थी, अर्थात यह पाए से ले कर फूलों तक गढ़े हुए सोने का बनाया गया था; जो नमूना यहोवा ने मूसा को दिखलाया था उसी के अनुसार उसने दीवट को बनाया॥
5फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
6इस्त्राएलियों के मध्य में से लेवियों को अलग ले कर शुद्ध कर।
7उन्हें शुद्ध करने के लिये तू ऐसा कर, कि पावन करने वाला जल उन पर छिड़क दे, फिर वे सर्वांग मुण्डन कराएं, और वस्त्र धोएं, और वे अपने को स्वचछ करें।
8तब वे तेल से सने हुए मैदे के अन्नबलि समेत एक बछड़ा ले लें, और तू पापबलि के लिये एक दूसरा बछड़ा लेना।
9और तू लेवियों को मिलापवाले तम्बू के साम्हने समीप पहुंचाना, और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली को इकट्ठा करना।
10तब तू लेवियों को यहोवा के आगे समीप ले आना, और इस्त्राएली अपने अपने हाथ उन पर रखें,
11तब हारून लेवियों को यहोवा के साम्हने इस्त्राएलियों की ओर से हिलाई हुई भेंट करके अर्पण करे, कि वे यहोवा की सेवा करने वाले ठहरें।
12और लेवीय अपने अपने हाथ उन बछड़ों के सिरों पर रखें; तब तू लेवियों के लिये प्रायश्चित्त करने को एक बछड़ा पापबलि और दूसरा होमबलि करके यहोवा के लिये चढ़ाना।
13और लेवियों को हारून और उसके पुत्रों के सम्मुख खड़ा करना, और उन को हिलाने की भेंट के लिये यहोवा को अपर्ण करना।
14और उन्हें इस्त्राएलियों में से अलग करना, सो वे मेरे ही ठहरेंगे।
15और जब तू लेवियों को शुद्ध करके हिलाई हुई भेंट के लिये अर्पण कर चुके, उसके बाद वे मिलापवाले तम्बू सम्बन्धी सेवा टहल करने के लिये अन्दर आया करें।
16क्योंकि वे इस्त्राएलियों में से मुझे पूरी रीति से अर्पण किए हुए हैं; मैं ने उन को सब इस्त्राएलियों में से एक एक स्त्री के पहिलौठे की सन्ती अपना कर लिया है।
17इस्त्राएलियों के पहिलौठे, चाहे मनुष्य के हों चाहे पशु के, सब मेरे हैं; क्योंकि मैं ने उन्हें उस समय अपने लिये पवित्र ठहराया जब मैं ने मिस्र देश के सब पहिलौठों को मार डाला।
18और मैं ने इस्त्राएलियों के सब पहिलौठों के बदले लेवियों को लिया है।
19उन्हे ले कर मैं ने हारून और उसके पुत्रों को इस्त्राएलियों में से दान करके दे दिया है, कि वे मिलापवाले तम्बू में इस्त्राएलियों के निमित्त सेवकाई और प्रायश्चित्त किया करें, कहीं ऐसा न हो कि जब इस्त्राएली पवित्रस्थान के समीप आएं तब उन पर कोई महाविपत्ति आ पड़े।
20लेवियों के विषय यहोवा की यह आज्ञा पाकर मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली ने उनके साथ ठीक वैसा ही किया।
21लेवियोंने तो अपने को पाप से पावन किया, और अपने वस्त्रों को धो डाला; और हारून ने उन्हें यहोवा के साम्हने हिलाई हुई भेंट के निमित्त अर्पण किया, और उन्हें शुद्ध करने को उनके लिये प्रायश्चित्त भी किया।
22और उसके बाद लेवीय हारून और उसके पुत्रों के साम्हने मिलापवाले तम्बू में अपनी अपनी सेवकाई करने को गए; और जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को लेवियों के विषय में दी थी उसी के अनुसार वे उन से व्यवहार करने लगे॥
23फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
24जो लेवियों को करना है वह यह है, कि पच्चीस वर्ष की अवस्था से ले कर उससे अधिक आयु में वे मिलापवाले तम्बू सम्बन्धी काम करने के लिये भीतर उपस्थित हुआ करें;
25और जब पचास वर्ष के हों तो फिर उस सेवा के लिये न आए और न काम करें;
26परन्तु वे अपने भाई बन्धुओं के साथ मिलापवाले तम्बू के पास रक्षा का काम किया करें, और किसी प्रकार की सेवकाई न करें। लेवियों को जो जो काम सौंपे जाएं उनके विषय तू उन से ऐसा ही करना॥