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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
20 verses
1यीशु मसीह का प्रकाशितवाक्य जो उसे परमेश्वर ने इसलिये दिया, कि अपने दासों को वे बातें, जिन का शीघ्र होना अवश्य है, दिखाए: और उस ने अपने स्वर्गदूत को भेज कर उसके द्वारा अपने दास यूहन्ना को बताया।
2जिस ने परमेश्वर के वचन और यीशु मसीह की गवाही, अर्थात जो कुछ उस ने देखा था उस की गवाही दी।
3धन्य है वह जो इस भविष्यद्वाणी के वचन को पढ़ता है, और वे जो सुनते हैं और इस में लिखी हुई बातों को मानते हैं, क्योंकि समय निकट आया है॥
4यूहन्ना की ओर से आसिया की सात कलीसियाओं के नाम: उस की ओर से जो है, और जो था, और जो आने वाला है; और उन सात आत्माओं की ओर से, जो उसके सिंहासन के साम्हने हैं।
5और यीशु मसीह की ओर से, जो विश्वासयोग्य साक्षी और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा, और पृथ्वी के राजाओं का हाकिम है, तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे: जो हम से प्रेम रखता है, और जिस ने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है।
6और हमें एक राज्य और अपने पिता परमेश्वर के लिये याजक भी बना दिया; उसी की महिमा और पराक्रम युगानुयुग रहे। आमीन।
7देखो, वह बादलों के साथ आने वाला है; और हर एक आंख उसे देखेगी, वरन जिन्हों ने उसे बेधा था, वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हां। आमीन॥
8प्रभु परमेश्वर वह जो है, और जो था, और जो आने वाला है; जो सर्वशक्तिमान है: यह कहता है, कि मैं ही अल्फा और ओमेगा हूं॥
9मैं यूहन्ना जो तुम्हारा भाई, और यीशु के क्लेश, और राज्य, और धीरज में तुम्हारा सहभागी हूं, परमेश्वर के वचन, और यीशु की गवाही के कारण पतमुस नाम टापू में था।
10कि मैं प्रभु के दिन आत्मा में आ गया, और अपने पीछे तुरही का सा बड़ा शब्द यह कहते सुना।
11कि जो कुछ तू देखता है, उसे पुस्तक में लिख कर सातों कलीसियाओं के पास भेज दे, अर्थात इफिसुस और स्मुरना, और पिरगमुन, और थुआतीरा, और सरदीस, और फिलेदिलफिया, और लौदीकिया में।
12और मैं ने उसे जो मुझ से बोल रहा था; देखने के लिये अपना मुंह फेरा; और पीछे घूम कर मैं ने सोने की सात दीवटें देखीं।
13और उन दीवटों के बीच में मनुष्य के पुत्र सरीखा एक पुरूष को देखा, जो पांवों तक का वस्त्र पहिने, और छाती पर सुनहला पटुका बान्धे हुए था।
14उसके सिर और बाल श्वेत ऊन वरन पाले के से उज्ज़वल थे; और उस की आंखे आग की ज्वाला की नाईं थी।
15और उसके पांव उत्तम पीतल के समान थे जो मानो भट्टी में तपाए ��ए हों; और उसका शब्द बहुत जल के शब्द की नाईं था।
16और वह अपने दाहिने हाथ में सात तारे लिए हुए था: और उसके मुख से चोखी दोधारी तलवार निकलती थी; और उसका मुंह ऐसा प्रज्वलित था, जैसा सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता है।
17जब मैं ने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा और उस ने मुझ पर अपना दाहिना हाथ रख कर यह कहा, कि मत डर; मैं प्रथम और अन्तिम और जीवता हूं।
18मैं मर गया था, और अब देख; मैं युगानुयुग जीवता हूं; और मृत्यु और अधोलोक की कुंजियां मेरे ही पास हैं।
19इसलिये जो बातें तू ने देखीं हैं और जो बातें हो रही हैं; और जो इस के बाद होने वाली हैं, उन सब को लिख ले।
20अर्थात उन सात तारों का भेद जिन्हें तू ने मेरे दाहिने हाथ में देखा था, और उन सात सोने की दीवटों का भेद: वे सात तारे सातों कलीसियाओं के दूत हैं, और वे सात दीवट सात कलीसियाएं हैं॥