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Hindi Holy Bible Wordproject Bible
11 verses
1मैं ने फिर आंखें उठाईं तो क्या देखा, कि एक लिखा हुआ पत्र उड़ रहा है।
2दूत ने मुझ से पूछा, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, मुझे एक लिखा हुआ पत्र उड़ता हुआ देख पड़ता है, जिस की लम्बाई बीस हाथ और चौड़ाई दस हाथ की है।
3तब उसने मुझ से कहा, यह वह शाप है जो इस सारे देश पर पड़ने वाला है; क्योंकि जो कोई चोरी करता है, वह उसकी एक ओर लिखे हुए के अनुसार मैल की नाईं निकाल दिया जाएगा; और जो कोई शपथ खाता है, वह उसकी दूसरी ओर लिखे हुए के अनुसार मैल की नाईं निकाल दिया जाएगा।
4सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, मैं उसको ऐसा चलाऊंगा कि वह चोर के घर में और मेरे नाम की झूठी शपथ खाने वाले के घर में घुस कर ठहरेगा, और उसको लकड़ी और पत्थरों समेत नाश कर देगा॥
5तब जो दूत मुझ से बातें करता था, उसने बाहर जा कर मुझ से कहा, आंखें उठा कर देख कि वह क्या वस्तु निकली जा रही है?
6मैं ने पूछा, वह क्या है? उसने कहा? वह वस्तु जो निकली जा रही है वह एक एपा का नाप है। और उसने फिर कहा, सारे देश में लोगों का यही रूप है।
7फिर मैं ने क्या देखा कि किक्कार भर शीशे का एक बटखरा उठाया जा रहा है, और एक स्त्री है जो एपा के बीच में बैठी है।
8और दूत ने कहा, इसका अर्थ दुष्टता है। और उसने उस स्त्री को एपा के बीच में दबा दिया, और शीशे के उस बटखरे को ले कर उस से एपा का मुंह ढांप दिया।
9तब मैं ने आंखें उठाईं, तो क्या देखा कि दो स्त्रियें चली जाती हैं जिन के पंख पवन में फैले हुए हैं, और उनके पंख लगलग के से हैं, और वे एपा को आकाश और पृथ्वी के बीच में उड़ाए लिए जा रही हैं।
10तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, कि वे एपा को कहां लिए जाती हैं?
11उसने कहा, शिनार देश में लिए जाती हैं कि वहां उसके लिये एक भवन बनाएं; और जब वह तैयार किया जाए, तब वह एपा वहां अपने ही पाए पर खड़ा किया जाएगा॥