परमेश्वर मनुष्य से सच्चे पश्चात्ताप की आशा करता है
Christian Song Lyrics
परमेश्वर नवे के लोगों से चाहे जितना भी
क्रोधित रहा हो लेकिन जैसे ही वे राख मलकर
और टाट ओढ़कर उपवास पर बैठ गए।
उसका हृदय धीरेधीरे नरम पड़ने लगा और उसने
अपना मन बदलना शुरू कर दिया। उनसे
यह घोषणा करने के एक क्षण पहले कि
वह उनके नगर को नष्ट कर देगा। उनके द्वारा
अपने पाप स्वीकार करने और पश्चाताप करने
से पहले के क्षण तक भी परमेश्वर
उनसे
क्रोधित था।
लेकिन जब वो
लोग लगातार
पश्चाताप के कार्य करते रहे तो निम्न के
लोगों के प्रति परमेश्वर का को धीरेधीरे
उनके प्रति दया और सहनशीलता में
बदल
गया।
एक ही घटना में परमेश्वर के स्वभाव के इन
दो पहलुओं के एक साथ प्रकाशन में
कोई विरोध नहीं है।
वेके लोगों द्वारा पहले और बाद में
पश्चाताप करने पर परमेश्वर ने ये
दो एकदम विपरीत सार व्यक्त और प्रकाशित
किए।
जितने लोगों ने परमेश्वर के सार
की वास्तविकता देखी और यह देखा कि
इसका अपमान नहीं किया जा सकता।
परमेश्वर ने लोगों को निम्नलिखित बातें
बताने के लिए अपने रवय का उपयोग
किया। ऐसा नहीं है कि परमेश्वर
लोगों को बर्दाश्त नहीं करता।
Audio / Video